भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के बीजों पर बढ़ा कंपनियों का भरोसा

Shekhar Pandey
वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित उन्नत टमाटर संकर ‘काशी अभिमान’ के अनुसंधान, उत्पादन और विपणन अधिकारों के लिए नागपुर की रियल एग्री क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ लाइसेंस समझौता किया गया। इस समझौते को संस्थान द्वारा विकसित उन्नत बीजों और संकरों की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वसनीयता का प्रतीक माना जा रहा है।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कंपनी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने बताया कि ‘काशी अभिमान’ टमाटर संकर निर्धारक वृद्धि प्रकृति वाला है, जिसके फल गहरे लाल रंग और सख्त बनावट के होते हैं। फलों का औसत वजन 90 से 100 ग्राम तक होता है तथा इसकी उत्पादन क्षमता 800 से 900 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक है।
उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित अन्य लोकप्रिय प्रजातियों एवं संकरों जैसे भिंडी की ‘काशी सहिष्णु’ तथा मटर की ‘काशी तृप्ति’ और ‘काशी अगेती’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्थान की तकनीकों और बीजों ने देशभर की बीज कंपनियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है और कई कंपनियां इन प्रजातियों के बीज उत्पादन एवं विपणन का कार्य कर रही हैं।
रियल एग्री क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से उत्तर विभाग के विपणन एवं विक्रय प्रमुख अरविंद कृष्णावत ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि आईआईवीआर के साथ यह साझेदारी कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्यक्रम के दौरान कंपनी प्रतिनिधियों ने वैज्ञानिकों के साथ विभिन्न तकनीकी विषयों पर चर्चा भी की।
इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सदस्य सचिव आईटीएमयू डॉ. इन्दीवर प्रसाद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नीरज सिंह ने प्रस्तुत किया।
संस्थान ने बताया कि भविष्य में भी कई उन्नत एवं उच्च उत्पादन क्षमता वाली सब्जी प्रजातियां विभिन्न बीज कंपनियों को लाइसेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्थान किसानों की आय बढ़ाने और गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।












