
Shekhar Pandey
वाराणसी/नई दिल्ली। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि टेक्निकल टेक्सटाइल (तकनीकी वस्त्र) के बढ़ते उपयोग से भारत का फुटवियर उद्योग नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक देश है, लेकिन वैश्विक निर्यात में हिस्सेदारी अभी भी काफी कम है। इसकी मुख्य वजह पारंपरिक सोच और आधुनिक सामग्री व डिजाइन को पर्याप्त रूप से अपनाने में कमी है।
मंत्री ने बताया कि आज के उपभोक्ता हल्के, आरामदायक, टिकाऊ और आकर्षक फुटवियर को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में टेक्निकल टेक्सटाइल का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जूते अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में फुटवियर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि की संभावना है। साथ ही, नॉन-लेदर (गैर-चमड़ा) फुटवियर की वैश्विक मांग भी लगातार बढ़ रही है, जो भारत के लिए बड़ा अवसर है।
गिरिराज सिंह ने बताया कि टेक्निकल टेक्सटाइल के माध्यम से ‘स्मार्ट, टिकाऊ और आधुनिक’ फुटवियर तैयार किए जा रहे हैं। इसमें 3डी बुनाई, एआई आधारित डिजाइन और पुनर्चक्रित सामग्री का उपयोग शामिल है, जिससे उत्पादन अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बन रहा है।
उन्होंने कहा कि आगरा, कानपुर, चेन्नई जैसे शहरों में मौजूद फुटवियर क्लस्टर इस बदलाव के केंद्र बन सकते हैं। यदि टेक्निकल टेक्सटाइल को व्यवस्थित रूप से अपनाया जाए, तो इससे निर्यात बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि फुटवियर उद्योग में टेक्निकल टेक्सटाइल पहले से मौजूद है, जरूरत है इसे पहचानने, संगठित करने और बड़े स्तर पर लागू करने की। इससे भारत वैश्विक फुटवियर बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।









