गुरु पूर्णिमा पर प्राचीन कामरूप मठ में उमड़ी श्रद्धा, हुआ गुरु पूजन व विशाल भंडारा

Shekhar pandey
वाराणसी। दशाश्वमेध स्थित प्राचीन कामरूप मठ में पावन गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मठ के दंडी स्वामी महंत शुद्धानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि आचार्य शंभू लाल शर्मा के आचार्यात्व मे ब्राह्मणों द्वारा प्रातः समस्त श्री गुरुजनों के चरणों का पूजन वंदन हुआ। मध्याह काल मे परिसर में विराजमान महादेव का रुद्राभिषेक के बाद पूरे भारत से आए श्रद्धालुओं के लिए तथा काशी सभी अखाड़े के दंडी स्वामियों एवं साधु-संतों एवं महात्माओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सा्ंयकाल विद्धतजनों की एक धर्म सभा की गई है जिसमे विद्धतजन गुरु महिमा पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गुरु का विशेष महत्व है, गुरु वह जो जीव को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। इसलिए गुरु के बताए मार्ग पर चलने से ही सभी का कल्याण होगा। गुरु के इसी महिमा को बताने के लिए पूर्णिमा का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।







