Varanasi : देवोत्तर संपति से कब्जेदारों को बेदखल करने की उठाई मांग

Shekhar Pandey
वाराणसी । चंदुआ छित्तूपुर में देवोत्तर संपति को कब्जेदारों से मुक्त कराने की मांग उठने लगी है। शिव मंदिर के पूर्व पुजारी स्व. दशरथ पांडेय की पुत्री दुर्गा देवी ने रविवार को एक प्रेसवार्ता के जरिए इस ओर शासन और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने बताया कि हरिकिशन उर्फ भईया जी ने अपनी संपति भगवान शिव के नाम अर्पित कर दिया था। उक्त ब्यौरा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। वर्ष 1960 के बाद मंदिर की देखरेख और पूजा पाठ के लिए स्व. दशरथ पांडेय को पुजारी नियुक्त किया गया था। आरोप लगाया कि वर्ष 1971 में पड़ोसी सीताराम सोनकर ने इस देवोत्तर संपति को राजस्व रिकॉर्ड में अपने नाम दर्ज करा लिया। जिसके खिलाफ पुजारी पक्ष ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से स्टे जारी कर दिया। दुर्गा देवी ने गुहार लगाई कि उक्त संपति को पुनः शिवजी के नाम घोषित किया जाए। साथ ही अवैध रूप से काबिज लोगों को बेदखल किया जाए।











