चातुर्मास महाव्रत के चौथे दिन जगद्गुरु शंकराचार्य ने दिया गुरु आज्ञा पालन का संदेश

Shekhar pandey
वाराणसी। अस्सी स्थित श्री काशीधर्म पीठ रामेश्वर मठ में चल रहे चातुर्मास महाव्रत के चौथे दिन रविवार को श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सत्संग का आयोजन हुआ। कार्यक्रम अनंत श्रीविभूषित काशीधर्म पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री नारायणानंद तीर्थ जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ।

सत्संग को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि शिष्य का सर्वोच्च धर्म अपने गुरु की आज्ञा का श्रद्धापूर्वक पालन करना है। उन्होंने कहा कि गुरु के निर्देशों का पालन करने वाला शिष्य ही आध्यात्मिक उन्नति, आत्मकल्याण और जीवन की वास्तविक सफलता प्राप्त करता है। गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और मोक्ष के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाले दिव्य पथप्रदर्शक हैं। इसलिए प्रत्येक शिष्य को विनम्रता, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण के साथ गुरु के आदेशों का पालन करना चाहिए।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मोपदेश का श्रवण कर गुरुचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। चातुर्मास महाव्रत के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातःकाल पादुका पूजन, सत्संग एवं प्रसाद वितरण का आयोजन निरंतर जारी है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।







