काशी विश्वनाथ धाम गेट नंबर-4 पर पत्रकारों से मारपीट, दलाली और अवैध वसूली के आरोपों से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Shekhar pandey
कवरेज के दौरान तोड़ा मोबाइल और नेकबैंड
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन सावन के पहले सोमवार को सामने आई एक घटना ने मंदिर परिसर के बाहर सक्रिय दलालों और कुछ माला-फूल विक्रेताओं के गठजोड़ को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गेट नंबर-4 के आसपास दर्शन के नाम पर सक्रिय दलाल श्रद्धालुओं को जल्द दर्शन कराने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहे हैं। इसके लिए गेट नंबर चार के बाहर कुछ चुनिंदा दुकानों पर माला-फूल व पूजन सामग्री खरीदवाते हैं। सावन के प्रथम सोमवार को मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ की कवरेज कर रहे दो पत्रकारों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकारों का आरोप है कि गेट नंबर-4 के पास कवरेज के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें वहां से हटने के लिए कहा, फिर कहा कि यहां खड़ा रहना है तो उनकी दुकान से माला-फूल खरीदना होगा। पत्रकारों ने खबर पूरी करने के बाद हटने की बात कही, लेकिन कुछ देर बाद पांच-छह युवक मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। पत्रकारों का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनका मोबाइल फोन और नेकबैंड क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय मंदिर परिसर के बाहर सुरक्षा में पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन आरोप है कि हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस को सूचना देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पीड़ितों का कहना है कि हमला करने वाले युवक मंदिर के गेट नंबर-4 के आसपास स्थित कुछ माला-फूल की दुकानों के पास अक्सर खड़े रहते हैं और दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन कराने का झांसा देकर अपने साथ ले जाते हैं। उनका आरोप है कि इसी कथित नेटवर्क के विरोध या सवाल उठाने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। वहीं यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब सावन के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर के बाहर सक्रिय कथित दलाली तंत्र, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की शिकायतों और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्न उठना लाजमी है। इस मामले में दोपहर तक चौक पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।







