बालाजी पैलेस में गूंजा शिव महापुराण का अमृत संदेश, 251 वैदिक ब्राह्मणों ने शुरू किया मूल पाठ

Shekhar pandey
वाराणसी। शिव सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को महमूरगंज स्थित बालाजी पैलेस में सात दिवसीय शिव पुराण कथा का शुभारंभ हुआ। प्रख्यात कथा मर्मज्ञ पं0 श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’ ने कथा का श्री गणेश करते हुए कहा की शिव महापुराण कथा अमृत के समान है जो सदा-सदा के लिए इस धरती पर प्रवाहमान रहेगी। शिव महापुराण गंगा के समान इस सृष्टि पर कलकल बहती रहेगी और जन-जन का कल्याण करती रहेगी।
शिव महापुराण महात्म्य का वर्णन करते हुए बालव्यास ने कहा कि शिव महापुराण कथा एक प्रत्यक्ष ग्रन्थ है जो मानव को मुक्ति प्रदान कर सकती हैं। यदि ईश्वर से अपना सीधा रिश्ता जोड़ना है तो शिव महापुराण कथा ही उसमें सहयोग कर सकती है। उन्होंने कहा कि काशी ऐसी भूमि है जहाँ सनातन धर्म की महान विभूतियां भी आकर कथा श्रवण करना और कराना चाहती हैं। सनातन धर्म अक्षुण्ण है, हमारे यहाँ मूर्तियों में ऐसा तेज होता है जो सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। आज कल सम्पत्ति बढ़ने पर कुमति भी बढ़ रही है, सच्चा भक्त वहीं है जो सम्पत्ति बढ़ने पर भी सुमति के मार्ग पर ही रहे। कथा मे भारतवर्ष के कई राज्य कोलकाता मुंबई, दिल्ली, मद्रास से साधु-संत, महात्मा व शिव भक्तों के साथ हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे।
संस्था द्वारा 251 वैदिक ब्राह्मण द्वारा मूल पाठ का आयोजन लगातार सात दिन तक चलता रहेगा। अंतिम दिन 7 अगस्त को श्रद्धालुओं द्वारा रुद्राभिषेक किया जाएगा। महमूरगंज स्थित श्रृंगेरी मठ से भव्य पोथी यात्रा निकालकर बालाजी पैलेस कथा स्थल पर जाकर समाप्त हुई। बैण्ड बाजे की धुन पर सैकडों भक्त नाचते गाते हुए पोथी यात्रा में शामिल हुए। कथाव्यास पं0 श्रीकांत शर्मा ने शिव महापुराण पोथी यजमान संजय सिद्धांत लोहिया, राजकुमार गोयल परिवार सहित अन्य ने भी अपने सिर पर रखें हुए थे। संस्था के 201 यजमान सपत्नीक पोथी का पूजन किया। पोथी यात्रा में मुख्य रूप से संजय सिद्धांत लोहिया, अवधेश खेमका, गोपाल अग्रवाल, सुरेश तुलस्यान, मनीष गिनोडिया, सुमित अग्रवाल सहित सैकड़ों भक्तगण शामिल रहें।







