फूलन देवी की 25वीं पुण्यतिथि पर राजघाट में श्रद्धांजलि सभा, नाविक और गोताखोरों का हुआ सम्मान

Shekhar pandey
वाराणसी। आठ फेरी निषाद राज सेवा समिति, राजघाट के तत्वावधान में शनिवार को पूर्व सांसद एवं वीरांगना फूलन देवी की 25वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। राजघाट स्थित कार्यक्रम में निषाद, बिंद, कश्यप और मछुआरा समाज के लोगों ने स्वर्गीय फूलन देवी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजघाट के अध्यक्ष दुर्गा मांझी ने कहा कि फूलन देवी ने महिला होने के कारण झेले गए सामाजिक उत्पीड़न और संघर्षों का डटकर सामना किया। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष किया, जिसके लिए समाज उन्हें सदैव याद रखेगा।
मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद ‘गुरु’ ने कहा कि फूलन देवी ने गरीब, असहाय और मजलूम लोगों की आवाज बनकर संसद तक पहुंचाई। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं के खिलाफ शोषण और अत्याचार की घटनाएं चिंता का विषय हैं। ऐसे में फूलन देवी का संघर्ष समाज के लिए प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर काशी में डूबते हुए तीर्थयात्रियों की जान बचाने और गहरे पानी में डूबे शवों को निकालने वाले नाविकों एवं गोताखोरों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में रामकिशन मांझी उर्फ टुल्लू, मणिकर्णिका घाट के पप्पू साहनी, चौकी घाट के कल्लू गोताखोर, खोखा, मीरघाट के तैराक निक्की साहनी सहित अन्य नाविक एवं गोताखोर शामिल रहे।
इसके अलावा सिंधिया घाट के छोटे मांझी सहित अन्य गोताखोरों को भी अनुपम राय, पार्षद बबलू साह और राजघाट के नाविक समाज की ओर से सम्मानित किया गया।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन विनोद कुमार निषाद ‘गुरु’ ने किया। कार्यक्रम में नारायण मांझी, सागर साहनी, रितिक साहनी, भानु साहनी, देवेंद्र कुमार साहनी, प्रदीप चौधरी, सतनारायण साहनी, तन्ना मांझी, चंदन निषाद, सुनील निषाद, सत्येंद्र साहनी, कुंदन साहनी, नरोत्तम साहनी, बाबू साहनी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।







