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PM Modi: इटली-भारत रणनीतिक साझेदारी: इंडो-मैडिटेरेनियन युग की नई दिशा

निष्पक्ष काशी

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नई दिल्ली। भारत और इटली के संबंध अब केवल पारंपरिक मित्रता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वतंत्रता, लोकतंत्र और साझा वैश्विक दृष्टिकोण पर आधारित एक विशेष रणनीतिक साझेदारी के रूप में उभर रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक व्यवस्था में दोनों देश आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दोनों नेताओं ने कहा कि इटली की उन्नत विनिर्माण क्षमता, डिजाइन और सुपरकंप्यूटर तकनीक का भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, इंजीनियरिंग प्रतिभा और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के साथ स्वाभाविक तालमेल है। भारत में 100 से अधिक यूनिकॉर्न और दो लाख से अधिक स्टार्ट-अप नई वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों के व्यापार और निवेश के विस्तार के लिए अहम माना गया है। लक्ष्य 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से अधिक पहुंचाने का है। रक्षा, एयरोस्पेस, स्वच्छ ऊर्जा, मशीनरी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, वस्त्र, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

तकनीकी नवाचार को इस साझेदारी का प्रमुख आधार बताते हुए दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने की बात कही। भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इटली की “एल्गोर-एथिक्स” अवधारणा को मानव-केंद्रित तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।

दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि एआई का उपयोग मानव कल्याण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए होना चाहिए, न कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने या मानव अधिकारों को कमजोर करने के लिए।

अंतरिक्ष, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को भी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया। भारत की अंतरिक्ष तकनीक और इटली की एयरोस्पेस विशेषज्ञता संयुक्त परियोजनाओं के नए अवसर प्रदान कर रही है। वहीं समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भी दोनों देश सहयोग मजबूत करेंगे।

ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण माना गया। भारत की अगुवाई वाले अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस जैसी पहलों में सहयोग को भी अहम बताया गया।

दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) इंडो-पैसिफिक और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली एक ऐतिहासिक पहल है, जो व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल नेटवर्क और सप्लाई चेन को नई मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि “वसुधैव कुटुंबकम्” और इटली की मानवतावादी परंपरा जैसे साझा मूल्य भारत-इटली संबंधों को भविष्य में और मजबूत आधार प्रदान करेंगे।

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